मौजूदा परिस्थिति में जीवन उबाऊ हो गया है. बोर हो गया है.मुम्बई भाषा में कहे तो थकेला हो गया है. शब्द तो सामान्य है पर इसके पीछे छुपे अर्थ बड़े गहरे है. बोर होना, यह मन की एक निगेटिव अवस्था है. कोइ व्यक्ति घर में बैठकर भी बोर नहीं होता और कोई महफिल में भी बोरियत महसूस करता है.कोइ अधिक वर्कलोड से परेशान है तो कोई वर्क न होने के कारण परेशान है. इस बोरियत भरी जिंदगी के अधिकारी हम ही है तो जीवन में नया रंग भरने का हौसला भी हम ही निर्माण कर सकते है. जब मन को कोइ रचनात्मक कार्य नहीं दिखाई देता तब मन बोरियत होने का अहसास कराता है.
हमारा मन और दिमाग बहुत रचनात्मक होते है. मन वही करता व सुनता है जैसे हम उसे सुनाते है, बोर होने की वजह से अगर हम मायूस और उदास है तो मन वही रचना बार बार दोहराएगा और जब तक हम इस नकारात्मक भाव के प्रभाव में रहेंगे जीवन पर नकारात्मक के बादल मंडराते रहेंगे.
१) तो अब समय आ गया है अपने दिमाग को नया प्रोग्राम देने का, अपने आप से कहेंगे 'परिस्थिति चाहे कैसी भी हो, मेरा मन हर हाल में व्यस्त मस्त और स्वस्थ रहता है' ,यह मन्त्र किसी जादू की भांति काम करेगा, और जीवन सचमुच व्यस्त, स्वस्थ और मस्त रहेगा। व्यस्त कार्यो की सूचि में नाख़ून काटने से लेकर कोई बड़ा प्रोजेक्ट भी हो सकता है. जीवन के सभी छोटे छोटे कार्य आखिर छोटे छोटे प्रोजेक्ट ही तो है.!!!!!
पांच ऐसे उपाय है जो हमें इस बोरियत भरे जीवन से छुटकारा दिला सकते है.
२)अपने मन, दिमाग व विचारोंको किसी रचनात्मक कार्य में व्यस्त रखने से हमें बोरियत से बहुत जल्द छुटकारा मिल जाता है. जैसे कोइ नई डिश बनाना, बागवानी करना , कोई मनपसंद किताब पढ़ना, अपने मन को व्यस्त , स्वस्थ और मस्त रखने के लिए उसे कोइ रचनात्मक कार्य देना आवश्यक है.
३)मन चाहता है खुश रहना, अगर बोरियत महसूस हो रही है तो गत जीवन की सुखद स्मृतियोंको एक बार फिर से ताजा करे. मन ख़ुशी से झूम उठेगा।पुराने अल्बम देखना , अपने किसी पुराने दोस्त को फोन लगाकर उससे बाते करना। इससे दिमाग बोरियत भरे विचारो से मुक्त हो जायेगा।
४)अपने भीतर बसे बचपन को सदा खुश रखने से जीवन खुशनुमा बनता है. अगर हो सके तो
बचोमें छोटा बच्चा बनकर उनके साथ खेले।
बोरियत से बचनेका सबसे आसान तरिका है थोडासा सोशल होना।
लोगो के साथ हंसी मजाक करने से, थोडासा रूमानी होंने से मन खुश रहता है.
५)मन को उदासी और बोरियत भरे विचारोसे दूर करने के लिए कोई हास्य मूवी देखे
हास्य कार्टून शो देखे. अपने किसी मजाकिया दोस्त से मिले
६) इतने उपाय करने पर भी अगर मन नाराज है तो सावधान हो जाना चाहिए
यह डिप्रेशन की पहली स्टेप हो सकती है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें